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कम्प्यूटर वायरस क्या है और वायरस के प्रकार? (What is a Computer Virus?)

कंप्यूटर वायरस

जैसे सब्जी, आनाज, आदि को कीड़े, लोहे को जंग खराब करते हैं, वैसे ही कंप्यूटर को वायरस खराब करते हैं. हम लोग सब्जियों आनाज को कीड़ों से बचाने के लिए दावा का उपयोग करते हैं. लोहे को जंग से बचाने के लिए उसमें पेंट करते हैं. वैसे ही कंप्यूटर को वायरस से बचाने के लिए एंटी वायरस का इस्तेमाल करते हैं.

आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से कंप्यूटर के वायरस के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे. इस आसान जानकारी को पड़कर आपको वायरस के बारे में पूरा जरुरी ज्ञान समझ में आ जायगा.

कंप्यूटर वायरस क्या है? (What Is Computer Virus)

वायरस VIRUS (Vital Information Resources Under Seize) का फुल फॉर्म है. दरअसल, वायरस एक तरह का प्रोग्राम होता है, जो किसी भी कंप्यूटर प्रोग्रामींग लैंग्वेज में हो सकता है. इस प्रोग्राम को कंप्यूटर में RUN करने की जरूरत नहीं होती, ये अपने आप ही RUN हो जाता है. साथ ही ये प्रोग्राम आपके कंप्यूटर में फ़ैल जाता है और कुछ महत्वपूर्ण फाइलों को नष्ट कर देता है.

इससे आपका कंप्यूटर खराब हो जाता है तो कभी आपको काम नहीं करने देता. वायरस हमारे कंप्यूटर में अपने आप नहीं आते, जब हम इन्टरनेट से कुछ डाउनलोड करते हैं या फिर कोई पेन ड्राइव अपने कंप्यूटर में लगाते हैं. अगर इस वेबसाइट से आप कुछ डाउनलोड कर रहे हैं और उसमें वायरस हैं तो ये सीधा आपके कंप्यूटर में आ जायेंगे.

इसी तरह अगर पेनड्राइव में वायरस हैं तो ये खतरनाक वायरस आपके कंप्यूटर में आ जायेंगे. वैसे ये तरीका पुराना हो गया है. अब तो ईमेल से, मेसेज से लिंक से भी वायरस कंप्यूटर में आ जाते हैं.

कंप्यूटर वायरस का इतिहास (History Of Computer Virus)

वर्ष 1971 में इंजीनियर Robert Thomas, एक कंप्यूटर वायरस बनाया था, जिसका नाम Creeper रखा गया था.

ये कंप्यूटर वायरस कंप्यूटर में RUN होने के बाद स्क्रीन में कई सारे मेसेज दिखता था.

पहले इस तरह के प्रोग्राम को वायरस नहीं, बल्कि Malicious प्रोग्राम के नाम से जानते थे, लेकिन वर्ष 1983 में Fred Cohen ने इस तरह के प्रोग्राम को कंप्यूटर वायरस का नाम दिया.

कंप्यूटर वायरस के प्रकार (Types Of Computer Virus )

Boot Sector Virus :-

ये वायरस कंप्यूटर के Boot Hard disk में होती है। कंप्यूटर में इस टाइप का वायरस पेन ड्राइव और removable media द्वारा आता है। इस वायरस का प्रभाव हमारे कंप्यूटर में तब पड़ता है, जब हमें कंप्यूटर का operating system लोड होता है. ये वायरस  operating system को लोड होने से रोकता है.

इस वायरस को कंप्यूटर ने निकालने का एक ही तरीका है कि आपको अपने सिस्टम को फॉर्मेट करना पड़ेगा.

अगर आप इससे बचना चाहते हैं तो आपको अपने कंप्यूटर में एक Anti Virus software इनस्टॉल करना पड़ेगा.

Stealth Virus

इस तरह का वायरस बेहद खतरनाक होता है, क्योंकि ये अपनी पहचान छुपकर आपके सिस्टम में प्रवेश कर जाता है. इसकी इस आदत की वजह से इसे गुप्त वायरस के नाम से भी जाना जाता है.

यह वायरस हर बार अलग अलग नाम से कंप्यूटर में प्रवेश करके कंप्यूटर को नुकसान पहुँचाते है.

Macro Virus :-

ये वायरस सिर्फ और सिर्फ Microsoft office की एप्लीकेशन को ही नुकसान पहुंचता है. जैसे word, document,  spreadsheet, Powerpoint की फाइल्स. इस वायरस की वजह से MS Office की स्पीड बहुत स्लो हो जाती है.

Direct Action Virus :-

इसे  नॉन-रेजिडेंट वायरस के नाम से भी जाना जाता है. ये वायरस अगर आपके कंप्यूटर में एक बार RUN हो गया तो वह सिस्टम की मेमोरी में छुप जाता है।

Polymorphic Virus :-

इस तरह का वायरस बहुत ही अलग तरह का होता है. इस टाइप के वायरस का इस्तेमल हैकर करते है। ये वायरस कंप्यूटर को हर बार अलग-अलग तरीकों से नुकसान पहुँचाता है. इसको पहचानना बहुत मुश्किल होता है।

Resident Virus :-

ये वायरस आपके कंप्यूटर की  RAM (Random Access Memory) में प्रवेश करके उसे नुकसान पहुंचाता है. इस तरह के कुछ वायरस बहुत स्लो वर्क करते हैं तो कुछ बहुत ही तेजी से छुपकर काम करते हैं. इससे आपका कंप्यूटर बहुत देर में बंद होता है.

Partition Table Virus

ये वायरस कंप्यूटर की RAM (Random Access Memory) की क्षमता कम करता है। हालाँकि ये कंप्यूटर के data को नष्ट नहीं करता, लेकिन हार्ड डिस्क के पार्टीशन को नुकसान पहुचाता है.

Browser Highjack Virus :-

ये सबसे ज्यादा फैलने और चलने वाला वायरस होता है. इस तरह का वायरस हमारे कंप्यूटर में तब प्रवेश करता है, जब हम हम किसी भी वायरस वाली वेबसाइट ओपन  करते है, ऑनलाइन फिल्म देखते हैं या गेम खेलते हैं. इस तरह का वायरस हमारे कंप्यूटर में बहुत जल्दी और आसानी से प्रवेश कर जाता है.

इन्टरनेट  के जरिये हमारे कंप्यूटर में आसानी से ऐसे वायरस आते हैं। इससे बचने के लिए हमें कंप्यूटर में एंटी वायरस को डालना पड़ता है.

Overwrite Virus :-

इस तरह का वायरस हमारे कंप्यूटर में E-mail के जरिये प्रवेश करते है, ऐसे वायरस को पहचानना बहुत कठिन होता है। इससे कंप्यूटर में बहुत नुकसान होता है।

कंप्यूटर वायरस ने बचने के कुछ तरीके

  • सबसे पहले आपको अपने कंप्यूटर में एक अच्छा सा एंटी वायरस सोफ्ट्वेयर को इनस्टॉल करना जरुरी है.
  • किसी भी फालतू की वेबसाइट से कुछ भी डाउनलोड न करें.
  • अपने कंप्यूटर में क्रैक वाले सोफ्टवेयर के इनस्टॉल न करें.
  • जो भी फाइल आप इन्टरनेट से डाउनलोड करते हैं, उसे अच्छी तरह से स्कैन करें.
  • उसे ईमेल की Link या Attached फाइल को ओपन न करें, जिसमें सेंडर की जानकारी न हो.

जिस वेबसाइट को ओपन करते ही कुछ फाइल अपने आप डाउनलोड होने लगे तो उसे तुरंत बंद करें और फाइल्स को डिलीट करें.

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